दिल्ली पर शायरी 🏙 | Dilli Shayari in Hindi दिल को छूने वाली
पढ़ें दिल्ली पर शायरी हिंदी में। दिल को छू लेने वाली Dilli Shayari जो राजधानी की गलियों, मोहब्बत और जज़्बात को शब्दों में पिरोती है।
"दिल्ली का लाल किला है तू
दिल्ली की लाल किला है तू,
मेरी आधारशिला है तू,
बरसों का प्यार मिला है तू,
बचपन के अधूरे वादे लेकर
गेंदे सा फूल खिला है तू ।।।।।।।
दिल्ली का लाल किला है तू,
मेरी आधारशिला है तू।।।।।।
तेरे लिए दिल बेकरार है
तू ही मेरा प्यार का त्योहार है।
तेरे बिना ये साँसें अधूरी,
तेरे संग ही जीवन बहार है।
कभी चुटकी भरी बातें करकरके
कभी लुक्का छुपी बातें कर करके
छोटी छोटी चीजों से ही
प्यार का मिला घड़ा भरा है तू
दिल्ली का लाल किला है तू,
मेरी आधारशिला है तू।।।।।।
तेरा चेहरा चांद का टुकड़ा,
तेरी हँसी हीरे की चमक,
तेरी आँखों में जो सपने,
वो पतंग जैसे उड़ें बेधड़क।
कभी लहरों सा तू खिलखिलाए,
कभी रातों में चांद बन जाए,
तेरे संग हर मौसम लगे,
जैसे पतंग आसमान छू जाए।
पतंग जैसा माझे सा धार मिला है तू ।।।
दिल्ली का लाल किला है तू,
मेरी आधारशिला है तू।।।।।।
हीरे को चमक के बिना
चांद को सूरज के बिना
धरती को आसमान के बिना
सागर को किनारे के बिना
बगिया न महके माली के बिना
दिल न ठहरता आपके बिना
नैया को खेवैया के बिना,
खोया हुआ प्यार का मझधार मिला है तू,
दिल्ली का लाल किला है तू,
मेरी आधारशिला है तू।।।।।।
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