मैं आर्मी मैन हूं, MAN OF THE MAN HU। सरहद का सिपाही, तूफानों में चलने वाला चट्टान। पढ़िए सेना और वतन की शान से भरी हिंदी शायरी।
मै हूं, मैन ऑफ द मैन
आर्मी मैंन
मैं आर्मी मैन हूं, मैन ऑफ द मैन हूं
सरहद का सिपाही हूं, वतन की शान हूं,
तूफानों में चलता हूं, मैं चट्टान हूं।
धूप सहे, छांव छोड़ दी,
घर-आंगन की चौखट मोड़ दी,
मां के आंचल से जो बंधा था,
उसे भी सीने में जोड़ लिया।
हर सांस में तिरंगे की आन है,
हर धड़कन में मिट्टी की जान है,
दुश्मन की नजर जो पड़े ज़मीं पर,
तो मैं बन जाता हूं उसकी आखिरी पहचान हूं।
मैं न ज़ख्मों से डरता हूं, न मौत से,
मेरी वर्दी ही मेरी क़सम है और सौगंध है।
मैं आर्मी मैन हूं, मैन ऑफ द मैन हूं,
लहू मेरा लिपटा है भारत के स्वाभिमान में।
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