एक खास अंदाज में पढ़ें स्पेशल लाल सिंदूर ऑपरेशन की कविता । । Deshbhakti Kavita लोहे का सिपाही देशभक्ति जज्बातों वाली कविता पढ़ें
मेरे भारत का वीर जवान Deshbhakti Kavita
✦ कविता ✦राकेश प्रजापति
सरहद से लौट करके आ गया है,
खून की नदी पार करके आ गया है,
मेरे भारत का वीर जवान,
मिट्टी का कर्ज़ चुका के आ गया है।
आँधियों से लड़कर मुस्कुराया है
सीने पे ज़ख़्म भी सजाया है
दुश्मन को धूल चटा के आया है
अपनी माँ को गले लगा के आ गया है
जहाँ मौत भी थम गई थी देख के
वहाँ हौसलों की मशाल जला के आ गया है
वो लौटा है नहीं किसी शान में
बलिदान की मिसाल बन के आ गया है
उसकी चाल में है अब भी तूफान
वो है देश का असली भगवान
कंधों पे तिरंगा उठा के लाया है
हर दिल में एक दीप जला के आ गया है
सरहद से लौट करके आ गया है
खून की नदी पार करके आ गया है
मेरे भारत का वीर जवान
मिट्टी का कर्ज़ चुका के आ गया है
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