ठेले वाला किधर गया?@कविता PADHE । Bachpan ki best kavita YADE TAJA KARE
ठेले वाला किधर गया?
अरे राजू,
वो बर्फ वाला ठेले वाला किधर गया?
जो गर्मी में आते ही गली में सीटी मारता था,
ठेले पर लाल-नीले रंग की बर्फ सजाए,
जैसे किसी ने इंद्रधनुष को जमा दिया हो।
तेरा "भैया दो की दे दो" कहना,
और उसका — "झटका मार के दूँ?"
फिर वो नारंगी सिरप डाल के
ऊपर से टूटी-फूटी छड़ी थमा देता था।
हाथ सुन्न हो जाते थे,
पर जीभ पर वो मीठी ठंडक दौड़ती थी।
जिस दिन बर्फ नहीं मिलती थी,
तू उदास चेहरा लिए छाया में बैठा रहता था।
अब ना वो ठेला आता है,
ना वो रंग-बिरंगी बर्फ की ट्रे।
बस एयर कंडीशनर की हवा है,
और यादों में पिघलती हुई वो बर्फ।
अरे राजू,
वो बर्फ वाला ठेले वाला किधर गया?
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