शायरी पतंग BEST शायरी PADHE IN HINDI FOR BOYAND GIRL



पतंग 
मैं छत पर पतंग उड़ाता रहा,
जब तक वो छत पर बैठी थी,
उसकी एक झलक के लिए,
हर दिन आसमां से बातें करता रहा।


वो बालों को संवारती थी,
मैं मांझा कसा करता था,
वो हँसती थी तो दिल डोलता था,
जैसे मेरा कंचा ही जीत जाता था।


मैं छत पर पतंग उड़ाता रहा,
जब तक वो छत पर बैठी थी,
मोहब्बत हवा में तैरती थी,
और डोर बस उसी के नाम की थी।


छत पर पतंग उड़ाना तो एक बहाना था,
असली मकसद तो उसे देख मुस्कुराना था।
कभी कभी वो जब रुठती थी 
छत में इशारों से उसको मनाना था 


मैं मांझा कम, दिल ज़्यादा कसा करता था,
हर कटती पतंग पर उसका नाम बसा करता था,
मैं हवा से बातें करता था पर मन ,
उसकी नज़रों में उड़ जाना चाहता था।

टिप्पणियाँ