तू खुद बन जा मिसाल शायरी -BEST । Motivational-Kavita PADHE
तू खुद बन जा मिसाल MOTIVATIONAL KAVITA
✍️ राकेश प्रजापति
क्यों मांगता है तू जीत हर बार,
तू खुद ही बन जा इक मिसाल हर बार।
हौसलों से लिख तक़दीर अपनी,
मुसीबतों को दे मात हर बार।
जो झुके नहीं तूफ़ानों के आगे,
जो रुके नहीं चट्टानों के आगे —
वही बनता है इक किरदार हर बार।
जीत मांगने से क्या मिलेगा,
तू खुद बन जा ताज हर बार।
क्यों मांगता है तू जीत हर बार,
तू खुद ही बन जा इक मिसाल हर बार।
हर हार को बना सीढ़ी आगे की,
हर चोट को बना आवाज़ अंदर की।
रात जितनी भी गहरी क्यों न हो,
सुबह बनकर चमक तू हर बार।
राह भले हो कांटों भरी,
इरादे रख तू फौलादी भारी।
मत देख कौन साथ है तुझपे,
तू बन जा खुद की ताक़त हर बार।
क्यों मांगता है तू जीत हर बार,
तू खुद ही बन जा इक मिसाल हर बार।
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