BEST । MOTIVATIONAL KAVITA । मोटिवेशनल शायरी कविता
समय के साथ तू चलना सीख
बहारों सा बदलना सीख
पहुंच जाएगा मंजिल तक
पहले खुद को बदलना सीख
हर ठोकर से सबक लेता चल
हर ग़लती में सच देखता चल
छांव की चाह ना कर हरदम
कभी धूप में भी जलना सीख
जो रोके तुझे, उसे रास्ता दे
जो टूटे अंदर, उसे हौसला दे
तक़दीर भी झुक जाएगी एक दिन
बस खुद यक़ीन रखना सीख
समय के साथ तू चलना सीख
बहारों सा बदलना सीख
पहुंच जाएगा मंज़िल तक
पहले खुद को बदलना सीख
बहारों सा खिल जाएगा तू
हर मुश्किल में संभालना सीख
जहां ज़रूरत पड़े वहां झुक जाना
गिरगिट-सा रंग बदलना सीख
दुनिया नहीं चलती सीधे उसूलों से
थोड़ा समझदारी से चाल चलना सीख
हर मोड़ पे मिलेगा कोई नया चेहरा
चेहरों के पीछे का सच पढ़ना सीख
गीदड़ भाग जाएंगे सारे,
तू शेरों जैसा लड़ना सीख।
डर को आँखों में आँख डाल कर देख,
हौसलों से दहाड़ना सीख।
तक़दीर क्या चीज़ है यार,
तू किस्मत से टकराना सीख।
मौत का कफ़न बांधकर चल
हर डर से आंख मिलाना सीख
मौत भी आकर लौट जाएगी,
चिताओं सा तू जलना सीख।
तक़दीर को दोष देना छोड़,
अब तक़दीर को बदलना सीख।
जो तुझपे हंसे थे कल तक,
उन्हें आज निगाहों से गिराना सीख।
समय के साथ तू चलना सीख
बहारों सा बदलना सीख
पहुंच जाएगा मंजिल तक
पहले खुद को बदलना सीख
**राकेश प्रजापति
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