ऑटो वाला भैया कविता | Hindi Poem पढ़ें मज़ेदार और बेस्ट
पढ़ें ‘ऑटो वाला भैया’ पर मज़ेदार और दिल को छू लेने वाली हिंदी कविता। Street life और ऑटो की मस्ती से भरी यह Poem हर दिल को भाएगी। ऑटो वाला भैया (सीधी-सादी मगर दिल छूने वाली कविता) सड़क पे चलता धीमे-धीमे, पीछे लिखा होता है – “जय माता दी” सीने पे। धूप हो या बरसात का पानी, ऑटो वाला भैया नहीं माने थकानी। सुबह से शाम, बस चलता ही जाए, कभी कॉलेज, कभी बाज़ार, सवारी पहुँचाए। मीटर भले ना चले, पर दिल से चलता है, "भैया थोड़ा कम करो", सुनकर मुस्कुराता है। कभी बच्चे स्कूल ले जाए, कभी दादी को मंदिर, हर किसी के सफ़र का है ये सच्चा हमसफ़र। किराया थोड़ा ज़्यादा भी ले ले कहीं, पर वक्त पे पहुँचा दे – ये बात बड़ी सही। बिलकुल! अब पेश है एक अच्छी, भावपूर्ण और प्रेरणादायक कविता, जिसमें "समय का पाबंद ऑटो वाला" एक मिसाल बनकर उभरता है — साधारण ज़िंदगी में असाधारण अनुशासन और मेहनत के साथ। हर सुबह सबसे पहले जो सड़क पर दिखता है, वो कोई ऑफिसर नहीं, एक ऑटो वाला भैया होता है। घड़ी से पहले उठता है, नींद से लड़ता है, बीवी कहे – "थोड़ा और रुक जाओ", वो बोले – "टाइम पर स्कूल वाली बच्चियां ...